बिहार में शराब माफिया आए दिन नए हथकंडे अपना रहे हैं. अपनी इस करतूत के चलते छपरा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रूडी और उनके द्वारा दी गई एंबुलेंस एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पंचायत को सांसद निधि से मिली एंबुलेंस से शराब की तस्करी का मामला सामने आया है. भगवान बाजार पुलिस ने एंबुलेंस को जब्त कर शराब के साथ चालक को गिरफ्तार कर लिया है. मरीज को अस्पताल ले जाने के बजाय सारण में एक बार फिर शराब की तस्करी और नशे के सप्लीमेंट के इस्तेमाल का जरिया बनी एंबुलेंस की शराब प्रकरण से मामला एक बार फिर गरमा गया है.
एंबुलेंस में चादर के नीचे मिली छह बोरी देशी शराब
बताया जाता है कि गुप्त सूचना के आधार पर भगवान बाजार थाना पुलिस ने श्यामचक इलाके में एक एंबुलेंस को पकड़कर तलाशी ली तो चादर के नीचे छह बोरी देशी शराब मिली. थाने के जमादार उपेंद्र राय ने तुरंत चालक को हिरासत में ले लिया. चालक गर्भवती महिला के इलाज के नाम पर एंबुलेंस को सीवान ले जा रहा था।
मुखिया की देखरेख में चलाई जा रही थी एंबुलेंस
पुलिस एंबुलेंस लेकर थाने आई, जहां पूछताछ कर डोरीगंज थाना क्षेत्र के कोटवा रामपट्टी पंचायत के मुखिया जयप्रकाश सिंह समेत दो नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ शराबबंदी के तहत मामला दर्ज किया गया है. पकड़ी गई एंबुलेंस को सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी की सांसद निधि से खरीद कर 2019 में पंचायत प्रधान को सौंप दिया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बीमार लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी न हो, लेकिन हुआ इसका उल्टा. स्वास्थ्य समस्या से निजात दिलाने के लिए दी गई एंबुलेंस से शराब ले जाने का काम शुरू किया गया।
सीवान ले जा रहा था शराब
गिरफ्तार चालक से थाना अध्यक्ष सह निरीक्षक मुकेश कुमार झा ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह सीवान जा रहा है. गिरफ्तार ड्राइवर राकेश राय टाउन थाना क्षेत्र के तेलपा मोहल्ले का रहने वाला है. एंबुलेंस से 280 लीटर देशी शराब जब्त की गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि अगर पुलिस उसकी कार का साथ नहीं देती तो चालक वाहन को नुकसान पहुंचाकर वाहन लेकर फरार हो जाता.
सांसद रूडी ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
इधर सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि एंबुलेंस जिला प्रशासन ने हलफनामे के जरिए एंबुलेंस को पंचायत को सौंप दिया है. सांसद मद की एंबुलेंस के दुरुपयोग पर डीएम को पत्र लिखकर सभी की अद्यतन रिपोर्ट मांगी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है.
मप्र की मद की एम्बुलेंस विवादों में
कोरोना काल में एमपी मद की एंबुलेंस मरीजों का इलाज करने की बजाय सामुदायिक केंद्र की शोभा बढ़ा रही थी. पूर्व सांसद पप्पू यादव द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद इसकी गूंज पूरे देश में हुई और जमकर बवाल हुआ। उस वक्त रेत ले जा रही एंबुलेंस का भी वीडियो वायरल हुआ था.