बीमारियों से बचाव के लिए प्राकृतिक औषधि बेहतर विकल्प

सिंहेश्वर(मधेपुरा) :- आधुनिक जीवनशैली में बीमारियां बढ़ती जा रही है और ऐलोपैथिक इलाज काफी मंहगा हो गया है। ऐसे में प्राकृतिक औषधियों का सेवन मनुष्य जीवन के लिए एक बेहतर विकल्प है। उक्त बातें ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डा.केपी यादव ने कही। वे महाविद्यालय की सेहत वाटिका में पौधारोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान विशेष रूप से स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर (गणित) के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित किया गया। इसके तहत नीम, आंवला, ऐलोवेरा, पत्थरचट्टा, जामुन, नींबू, अमरुद आदि के पौधे लगाए गए। प्रधानाचार्य ने कहा कि भारत का हर पेड़-पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है। बस जरूरत है कि हम उसके संबंध में समुचित जानकारी रखें।

हम पेड़-पौधों के औषधीय गुणों से परिचय प्राप्त कर उसका सदुपयोग कर सकते हैं और लंबे समय तक स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन का आनंद ले सकते हैं। गणित विभागाध्यक्ष डा. एमएस पाठक ने कहा कि गणित सहित सभी विज्ञानों का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है, जो बिना पर्यावरण-संरक्षण के संभव नहीं है। इसलिए पर्यावरण-संरक्षण को सभी विषयों के पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है।

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जनसंपर्क पदाधिकारी डा. सुधांशु शेखर ने बताया कि सेहत वाटिका में लगाए जा रहे औषधीय पौधों के गुणों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है। इसे वाटिका की दीवारों पर अंकित किया जाएगा। साथ ही समय-समय पर सेहत-संवाद कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी। एनसीसी पदाधिकारी लेफ्टिनेंट गुड्डू कुमार ने कहा कि सेहत वाटिका में पानी की व्यवस्था कर दी गई है।

महाविद्यालय के विद्यार्थियों को वाटिका में लगाए गए पौधों को नियमित रूप से सिचित करने और इसकी देखभाल करने का निर्देश दिया गया है। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डा. मिथिलेश कुमार अरिमर्दन, नयन रंजन, चंदन कुमार, रूपक कुमार सिंह, प्रशांत कुमार, रूपेश, ललन निराला, संजीव, मिथिलेश, सुधीर, विकास, आलोक रंजन, गोलू जेंटल, अलका, सूफी, रेशम, सरिता, ज्योति, अंशु, सुजीत, शंभू, राजकमल, प्रिया, पूजा, सुफी, युवराज, पुनियानंद आदि उपस्थित थे।