Lalu Yadav News: रांची। चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में झारखंड हाईकोर्ट से शनिवार को जमानत मिल गई। इसके साथ ही अब वे जेल से बाहर आएंगे। उन्हें पहले ही तीन अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन चारों मामलों में जमानत मिलने के बाद भी लालू की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। चारा घोटाला (डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी) का सबसे बड़ा और पांचवां मामला रांची की विशेष सीबीआई अदालत में चल रहा है। इस मामले में भी लालू के खिलाफ फैसला आ सकता है और वह एक बार फिर जेल जा सकते हैं।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को जमानत दे दी। अदालत ने लालू प्रसाद को पांच लाख रुपये का जुर्माना और 1-1 लाख रुपये के निजी मुचलके के आधार पर जमानत दी। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद हिरासत में बिताई गई अवधि की सुनवाई पर जमानत दी। अब वे जेल से बाहर आएंगे। फिलहाल उनका दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है।
चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को हाईकोर्ट से मिली जमानत, अब जेल से बाहर आएंगे, होगा दिल्ली एम्स में इलाज
अदालत ने लालू प्रसाद को पासपोर्ट जमा करने, अपना फोन नंबर और पता बदलने आदि के लिए भी शर्तें लगाई हैं। यह मामला आरसी -38 ए / 96 से संबंधित है, जो दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित है। करीब 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला है। गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू प्रसाद को दो अलग-अलग धाराओं में सात साल की सजा यानी 14 साल की सजा सुनाई थी।
Lalu Yadav News LIVE: दिल्ली एम्स में इलाज करा रहे लालू प्रसाद को मिली जमानत, अब जेल से बाहर होंगे
अदालत ने लालू प्रसाद की सात साल की सजा को उनकी आधी सजा के रूप में स्वीकार कर लिया है। अदालत ने सीबीआई की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई थी। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी, यानी 14 साल की सजा होगी। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने आवेदक लालू प्रसाद की ओर से वकालत की, जबकि अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने सी.बी.आई.
चारा घोटाले से जुड़े कुल चार मामलों में जेल की सजा काट रहे लालू यादव को पहले ही तीन मामलों में झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी। उन्हें केवल दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत नहीं दी गई थी। आज उच्च न्यायालय ने उन्हें इस मामले में भी जमानत दे दी। उन्हें चाईबासा के दो और देवघर के एक मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी।