ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय: अब तक शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ पीएचडी थीसिस

दरभंगा :  ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पीएचडी शाखा के शोधार्थियों की थीसिस अब तक शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। यूजीसी के सख्त निर्देश के बाद भी थीसिस अपलोड की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की गई है। हालांकि इसको लेकर तैयारी अंतिम चरण में है।

विश्वविद्यालय विकास पदाधिकारी प्रो. केके साहू ने बताया कि शोध गंगा पोर्टल पर थीसिस अपलोड करने को लेकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वर्ष 2021 में आयोजित प्लेगरिज्म टेस्ट के बाद लगभग 20 शोधार्थियों की थीसिस शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड करने को लेकर तैयारी पूरी की जा रही है।बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी राज्यों के उच्च शिक्षा संस्थानों को पीएचडी छात्रों की थीसिस तुरंत अपलोड करने का निर्देश दिया है।

इसके बाद राष्ट्रीय संस्थान रैंङ्क्षकग का उपयोग करके राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड रैंङ्क्षकग के आवंटन किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि शोधकर्ताओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। आयोग ने बताया है, कि कई संस्थानों ने थीसिस अपलोड नहीं किए है। 2019, 2020 और 2021 में पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या का डेटा एनबीए भारत रैंङ्क्षकग 2023 के लिए सेव किया जाएगा।

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थीसिस की आनलाइन उपलब्धता से रिसर्च की गुणवत्ता बढ़ेगी

यूजीसी ने एचईआई से आग्रह करते हुए कहा है कि स्नातक से पीएचडी करने वाले छात्रों के शोध और शोध कार्यों के भंडार, शोध गंगा में अपलोड करने से संख्या पर प्रामाणिक डेटा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। कहा, कि केंद्रीय रूप से बनाए गए डिजिटल रिपॉजिटरी के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक थीसिस की आनलाइन उपलब्धता न केवल कार्य को आसान बनाएगी, बल्कि थीसिस को संग्रह करने में मदद करेगी। इससे रिसर्च की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।