कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा शासन में लोकतंत्र टूट चुका है, जिसके बाद भारत अब अच्छी स्थिति में नहीं है। इससे दुनिया पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेंगे।
लंदन में ‘भारत के लिए विचार’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को देश के हर हिस्से में प्रवेश कर चुकी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा का मुकाबला करने के लिए एक विचार बनाने की जरूरत है। राहुल ने दावा किया कि भाजपा ने पूरे देश का ध्रुवीकरण कर दिया है और इसका एक हिस्सा “मीडिया के पूर्ण प्रभुत्व” के माध्यम से हासिल किया गया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, “आरएसएस ने एक ऐसी संरचना का निर्माण किया है जो बड़े पैमाने पर प्रवेश कर चुकी है। विपक्षी दलों और कांग्रेस को इस तरह के ढांचे का निर्माण करने की जरूरत है … एक और पहलू है जो बातचीत का गला घोंट रहा है क्योंकि इस पर मीडिया का नियंत्रण हो चुका है।”
जो भारत में हो रहा, वैसा ही पाक में हुआ था… राहुल का केंद्र पर हमला…राहुल ने सत्तारूढ़ पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी पर देश में अस्थिर माहौल बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “भारत अच्छी स्थिति में नहीं रही। बीजेपी ने पूरे देश में मिट्टी का तेल फैला दिया है। आपको एक चिंगारी चाहिए और इससे हम बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे। मुझे लगता है कि यह विपक्ष और कांग्रेस की भी जिम्मेदारी है जो लोगों, समुदायों, राज्यों और धर्मों को एक साथ लाए।”
देश की राजनीति में भाजपा के प्रभुत्व का मुकाबला करने के तरीके के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि विपक्ष को शेष 60-70% आबादी तक “आक्रामक रूप से” पहुंचने की जरूरत है, जो भाजपा को वोट देना पसंद नहीं करते।
मोदी सरकार के निजीकरण अभियान को “बहुत खतरनाक” बताते हुए राहुल ने दावा किया कि देश के अधिकांश प्रमुख बुनियादी ढांचे का स्वामित्व किसी खास कंपनी के पास दे दिया है।
अडानी समूह की तरफ इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मुझे लगता है कि एक कंपनी को सभी हवाई अड्डों, सभी बंदरगाहों, सभी बुनियादी ढांचे को नियंत्रण देना बहुत खतरनाक है। यह (निजी क्षेत्र का एकाधिकार) इस रूप में पहले कभी अस्तित्व में नहीं रहा।”
राहुल ने यह भी चेतावनी दी कि अगर बीजेपी को नहीं रोका गया तो देश में सियासी माहौल और गर्म हो सकता है। राहुल ने कहा, “हमें इस तापमान को कम करने की जरूरत है क्योंकि अगर यह तापमान ठंडा नहीं हुआ तो चीजें गलत हो सकती हैं।”