बिहार में बढ़ा मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी, आज से लागू हुई नई दरें, श्रम संसाधन विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन

बिहार में बढ़ा मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी, आज से लागू हुई नई दरें, श्रम संसाधन विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन

हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटनाप्रकाशित: स्नेहा बलूनी

शुक्र, 01 अक्टूबर 2021 11:51 पूर्वाह्न

Whatsapp Group Join
Telegram channel Join

?

ऐप पर पढ़ें

बिहार में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की गई है. श्रम संसाधन विभाग ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते में वृद्धि के आधार पर नई दर तय की है। सरकार साल में दो बार न्यूनतम वेतन तय करती है। इस साल नई दर 1 अप्रैल, 2021 से लागू हुई। दूसरी बार नई दर 1 अक्टूबर से लागू हुई है।

बढ़ी हुई मजदूरी दर 2 रुपये प्रति दिन से लेकर 68 रुपये प्रति माह तक है। श्रम संसाधन विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ दो करोड़ से ज्यादा मजदूरों को मिलेगा. न्यूनतम मजदूरी की दरों के निर्धारण/संशोधन के लिए हाल ही में बिहार न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी।

बोर्ड द्वारा की गई सिफारिश के आलोक में ही मजदूरी दर में वृद्धि की गई है। सामान्य रोजगार में नियोजित अकुशल श्रमिकों के वेतन में 2 रुपये प्रति दिन, अर्ध-कुशल के लिए 2 रुपये, कुशल के लिए 3 रुपये और अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए 4 रुपये प्रति दिन की वृद्धि की गई है। जबकि पर्यवेक्षी एवं लिपिकीय कर्मियों को 68 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का लाभ मिलेगा।

बिहार से और

?

बिहार पंचायत चुनाव : 34 जिलों के 48 प्रखंडों में मतगणना जारी है

?

नीतीश कैबिनेट विस्तार: बीजेपी और जदयू कोटे से बने 17 मंत्री, देखें तस्वीरें

?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा के घर चोरी, ये सामान लेकर फरार

?

पानी भरे गड्ढे में पलटी स्कूल बस, दो गंभीर रूप से घायल

सरकार के इस फैसले से घरेलू कामगारों, कृषि रोजगार कर्मियों को फायदा होगा। साथ ही साबुन फैक्ट्री, सीमेंट फैक्ट्री, कागज उद्योग, होजरी, आइसक्रीम फैक्ट्री, पेट्रोल पंप, बिजली का खंभा, रेलवे ट्रैक बिछाना, बिस्किट फैक्ट्री, आटा-चावल-तेल मिल, सड़क निर्माण, बांध की मरम्मत, होटल और रेस्तरां आदि कामगार कार्यों में लगे रहने से लाभ होगा।

विभागीय अधिसूचना में कहा गया है कि यदि कोई न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे एक वर्ष तक की अवधि के लिए कारावास या तीन हजार तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। यदि न्यूनतम मजदूरी प्राप्त नहीं होती है तो संबंधित व्यक्ति सक्षम न्यायालय में या तो स्वयं या प्रखंड के श्रम प्रवर्तन अधिकारी के माध्यम से न्यूनतम मजदूरी के लिए दावा दायर कर सकता है।

वहीं कृषि कार्य से संबंधित मजदूरी के लिए सीओ, डिप्टी कलेक्टर या श्रम अधीक्षक को गैर कृषि कार्य के लिए सहायक श्रम आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी या श्रम न्यायालय में दावा करना होगा. यदि न्यूनतम मजदूरी प्राप्त करने में कठिनाई होती है, तो वे प्रखंड के श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिले के श्रम अधीक्षक, सहायक श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त से भी संपर्क कर सकते हैं. श्रमिक विभाग के नियोजन भवन, तृतीय तल, पटना स्थित बी ब्लॉक बेली रोड स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय में आकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

श्रेणी  अब तक थी  आज से
अकुशल ३०४ दैनिक   ३०६ दैनिक
अर्द्ध कुशल   316 318
कुशल  385  388
अति कुशल   470  474
पर्यवेक्षी   870 मासिक  875 मासिक