7th Pay Commission: मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के DA में की 3 % की बढ़ोतरी, 34% हुआ महंगाई भत्ता

7th Pay Commission: बताते चलें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल जुलाई 2021 में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया था. कोरोना महामारी की वजह से केंद्र सरकार ने डेढ़ साल तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी.

 केंद्र की मोदी सरकार ने देश के करीब 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख से अधिक पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जनवरी 2022 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (DR) को 3 फीसदी बढ़ाने का फैसला लिया है. अब ये बढ़कर 34 फीसदी हो गई है. सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी मिली है कि देश में बढ़ती महंगाई के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला किया है.

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जुलाई 2021 में 28 फीसदी बढ़ा था डीए…बताते चलें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल जुलाई 2021 में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया था. कोरोना महामारी की वजह से केंद्र सरकार ने डेढ़ साल तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी.

जुलाई 2021 के बाद केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी और बढ़ोतरी करके 31 फीसदी कर दिया था. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित डीए जुलाई, 2021 से लागू हो गया है. केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत को भी बढ़ाकर 31 प्रतिशत कर दिया गया, जो 1 जुलाई 2021 से प्रभावी है.

कुल 34 फीसदी हो जाएगा डीए…मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार एक बार फिर केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है. इस नई बढ़ोतरी से डीए मूल वेतन का 34 फीसदी हो जाएगा. इस फैसले से 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा.

कब बढ़ता है डीए…महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का एक घटक है, जिसका उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करना है. बढ़ती महंगाई दर से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों के प्रभावी वेतन को समय-समय पर रिवाइज किया जाता है.

सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार जनवरी और जुलाई में बढ़ोतरी की जाती है. चूंकि महंगाई भत्ता जीवन-यापन की लागत से संबंधित है, यह कर्मचारी से कर्मचारी के आधार पर अलग-अलगा होता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे किस क्षेत्र में रहते हैं. सरकार शहरी क्षेत्र, अर्ध-शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारियों के आधार पर महंगाई भत्ता तय करती है.