बिहार के नियोजित शिक्षकों की नौकरी पर खतरा, इस तारीख तक प्रमाण पत्र जमा नहीं किया तो जाएगी नौकरी

पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय संस्थाओं के अंतर्गत साल 2006 से 2015 की अवधि में नियुक्त सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच निगरानी विभाग द्वारा की जा रही है. उच्च न्यायालय के आदेश के साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बाद भी सभी शिक्षकों का प्रमाण पत्र का फोल्डर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय द्वारा निगरानी विभाग को जांच के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है.

अब ऐसे शिक्षक जिनका प्रमाण पत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया .है उनका प्रमाण पत्र निगरानी विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए एक वेब पोर्टल तैयार किया गया है. पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय संस्थाओं के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों को अब अपना सभी प्रमाण पत्र निगरानी को उपलब्ध कराने के लिए समय निर्धारित किया गया है.

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21 जून से लेकर 20 जुलाई के बीच ऐसे शिक्षकों को वेब पोर्टल पर अपना प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा. जो शिक्षक अंतिम तिथि तक अपना प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराएंगे. यह माना जाएगा कि उन्हें अपने नियुक्ति की वैधता के संबंध में कुछ नहीं कहना है. उनकी नियुक्ति को प्रथम दृष्टया अवैध माना जाएगा और उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उनके द्वारा नियत वेतन वेतनमान के रूप में प्राप्त राशि की वसूली भी अधिनियम प्रावधान के तहत की जाएगी.